जानिए महिलाओं के बूब्स की बनावट और साइज से जुड़ी कई रोचक बातें - HEALTH IS WEALTH
जानिए महिलाओं के बूब्स की बनावट और साइज से जुड़ी कई रोचक बातें

जानिए महिलाओं के बूब्स की बनावट और साइज से जुड़ी कई रोचक बातें

एक महिला के लिए उसके ब्रेस्ट यानि कि स्तन जिन्हें हम आम बोलचाल की भाषा में बूब्स कहते हैं वो उसके शरीर के आकर्षण का केंद्र होते हैं। बदलते समय के साथ बड़े और उभरे बूब्स महिलाओं की पहली पसंद बन चुके हैं। लेकिन बूब्स का आकार और उनकी बनावट एक तरह की प्राकृतिक प्रक्रिया है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके बूब्स छोटे हैं या फिर बड़े। हालांकि, वे प्यारे हैं क्योंकि वो आपके शरीर का एक अंग हैं और उनकी देखभाल की जानी चाहिए। आपके स्तन एक महिला के रूप में आपको सशक्त महसूस करवाने में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं।

स्तन क्या हैं

पुरुष और महिला दोनों के स्तन होते हैं। महिलाओं में वे अनिवार्य रूप से स्तन ग्रंथियां होती हैं, जो शिशु को स्तनपान करवाने के लिए दूध का उत्पादन करती हैं। ये ग्रंथियां युवावस्था में महिलाओं में बढ़ती और विकसित होती हैं। इन स्तनों में एक महिला के शरीर के कुल वजन का 4-6 प्रतिशत हिस्सा होता है। सतही तौर पर स्तन क्षेत्र में 3 प्रमुख भाग होते हैं: स्तन, निप्पल और निप्पल के बाहर का गोलाकार क्षेत्र एरिओला। स्तनों में मांसपेशियां नहीं होती हैं। केवल एक तरह का लिगामेंट इसे बांधे रखता है, जिसको कूपरलिगामेंट कहते हैं। इसलिए अधिक वजन के कारण या अच्छा सहारा न मिलने के कारण स्तन नीचे की ओर लटक जाते हैं।

स्तन कब और कैसे विकसित होते हैं

जैसा कि आप जानते हैं कि दुनिया भर की महिलाओं में विभिन्न प्रकार के स्तन होते हैं। तो आपको यह भी पता होना चाहिए कि कैसे और कब ये आपके शरीर के ऊपरी हिस्से के रूप में बनना शुरू करते हैं। तो आइए जानते हैं कि स्तन का विकास कैसे होता है

  • किसी लड़की के यौवन आने से पहले उसकी छाती पर स्तन आमतौर पर छोटे निप्पल्स के साथ सपाट होते हैं।
  • जब यौवन शुरू होता है तो छोटे उभार, जिन्हें कलियां (Buds) कहा जाता है, स्तन के निप्पल्स के नीचे बनना शुरू हो जाते हैं। कलियों को कोमलता का एहसास होता है और शुरुआत में दर्द हो सकता है लेकिन समय के साथ यह रुक जाता है।
  • जब एक बार निप्पल्स और एरिओला का रंग बदलने लगता है तो निप्पल्स कठोर हो जाते हैं या फिर बाहर की ओर निकलने लगते हैं।
  • समय के साथ एक लड़की की कलियां (Buds) बड़ी और गोल हो जाती हैं और स्तनों का आकार ले लेती हैं।
  • यह विभिन्न प्रकार के स्तनों के लिए अलग है। कुछ लड़कियों के स्तन देर से उभरते हैं, जबकि कुछ के लिए केवल एक रात में अंतर दिखाई देने लगता है। इसलिए अगर आपको थोड़ा अधिक समय लग रहा हैं तो चिंता न करें।
  • यौवन ज्यादातर 8 और 13 साल की उम्र के बीच की लड़कियों में आता है। लड़कियों में तब से स्तन विकसित होना शुरू हो जाते हैं और 20 साल की उम्र तक बढ़ते रहते हैं।
  • स्तन का विकास आमतौर पर यौवन आने का पहला संकेत होता है।

ब्रेस्ट या स्तन के प्रकार

अगर आपको लगता है कि सभी महिलाओं के स्तनों का आकार एक जैसा होता है, तो आप गलत हैं। वहीं अगर आपको ये लगता है कि विज्ञापन में दिखाया गया ब्रेस्ट का शेप एक आइडियल शेप है तो भी ये आपकी गलतफहमी ही है। वैसे भी कोई शेप और साइज एक आइडियल ब्रेस्ट की परिभाषा नहीं दे सकते हैं। हम जितना जानते हैं, उससे कई अलग-अलग प्रकार के ब्रेस्ट दुनिया भर में महिलाओं के पास हैं। बड़े, छोटे, मीडियम साइज, बालों के साथ, बिना बालों वाले, यह सब सामान्य तरह के ब्रेस्ट हैं। बनावट और निप्पल्स के अलग- अलग प्रकार के आधार पर इन्हें कई आकारों में बांटा गया है। वैसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपके बूब्स किस तरह की बनावट व साइज के हैं, सब सामान्य ही होते हैं।

बनावट के आधार पर स्तन के प्रकार

वैसे तो बनावट के आधार पर सात तरह के फीमेल ब्रेस्ट होते हैं। लेकिन बदलते समय और असंतुलित हॉर्मोन के कारण अब इस सूची में नौ प्रकार के दिखने वाले ब्रेस्ट जानकारी में आए हैं।

असिमेट्रिक शेप ब्रेस्ट

असिमेट्रिक का मतबल होता है आकार में असमानता। इस तरह के बूब्स आकार में एक- दूसरे के समान नहीं होते हैं। इसमें से एक का आकार दूसरे वाले की तुलना में बड़ा होता है। महिलाओं में ये स्थिति बहुत ही सामान्य होती है। यह कभी भी बहुत बड़ा अंतर नहीं होता है, इसलिए आपकी ब्रा बिल्कुल ठीक बैठती है आपके बूब्स पर। यह सिर्फ आपकी जानकारी के लिए है, इसलिए दो अलग-अलग आकार के स्तन होने के बारे में ध्यान न दें।

टिप्स- अगर आपके बूब्स असिमेट्रिक शेप के हैं तो आपको पैडेड ब्रा ज्यादा सूट करेगी।

एथलीट शेप ब्रेस्ट

इस तरह के ब्रेस्ट होने का ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप स्पोर्ट्स पर्सन हों ही। दरअसल, इस तरह के स्तनों में टिशू कम होते हैं और मसल्स ज्यादा होते हैं, जिसका मलतब हुआ कि आपके पास सबसे अधिक स्तनों की मजबूती है।

टिप्स – अगर आपके बूब्स एथलीट शेप के हैं तो आप स्पोर्ट्स ब्रा पहन सकते हैं।

बेल शेप ब्रेस्ट

जैसा नाम है कुछ वैसी ही बनावट होती है इस तरह के बूब्स की। बेल के आकार के स्तन ऊपर की ओर पतले होते हैं और नीचे की तरफ फूले हुए होते हैं, ठीक वैसे ही, जैसे बेल यानि की घंटी।

टिप्स – अगर आपके बूब्स बेल शेप के हैं तो आपको ऐसी ब्रा पहनी चाहिए जो बूब्स को नीचे से सहारा दें।

साइड सेट शेप ब्रेस्ट

इस तरह के स्तनों के बीच में सामान्य से अधिक दूरी होती है और निप्पल्स बिल्कुल सामने होने के बजाय किनारे की तरफ पॉइंटेड होते हैं। साइड सेट स्तनों के किनारों पर अपनी सारी परिपूर्णता होती है, जिससे दोनों के बीच अंतर पैदा होता है। वैसे इस तरह के स्तन थोड़े ज्यादा बड़े होते हैं।

टिप्स – अगर आपके बूब्स साइड सेट शेप के हैं तो आप प्लंज ब्रा पहन सकती हैं।

स्लेंडर शेप ब्रेस्ट

छोटे स्तन होने का मतलब पतले स्तन होना नहीं है। यह आम तौर पर पतले स्तन में तब्दील हो जाते हैं, जिस पर निप्पल्स नीचे की ओर झुके होते हैं। इसलिए यदि आपके स्तन आपके पूरे सीने को नहीं खींचते हैं, तो आपके स्तन सिलेंड्रिकल आकार के हैं। ऐसे स्तन लंबे कम और चौड़े ज्यादा होते हैं।

टिप्स – अगर आपके बूब्स स्लेंडर शेप के हैं तो आप प्लंज या फिर वायरलेस ब्रा पहन सकते हैं।

टियर ड्रॉप शेप ब्रेस्ट

इस तरह के स्तन गोल होते हैं जो नीचे की तुलना में ऊपर की ओर थोड़े पतले होते हैं। इनका आकार आपको आंसू यानि कि टियर ड्रॉप की तरह नजर आयेगा। इसमें निप्पल्स कसे हुए होने की बजाय हल्के से झुके हुए होते हैं। ऐसा आकार होना एकदम सामान्य बात है।

टिप्स – अगर आपके बूब्स टियर ड्रॉप शेप के हैं तो आप किसी भी तरह की ब्रा पहन सकती हैं।

राउंड शेप ब्रेस्ट

आपके दिमाग में स्तनों की बनावट को लेकर जो एक आइडियल छवि है, इस तरह के स्तन वैसे ही होते हैं। ऊपर और नीचे से एक समान और निप्पल्स बिल्कुल सामने की ओर होते हैं। बनावट भी एकदम गोलाकार यानि राउंड शेप में होती है।

टिप्स – अगर आपके बूब्स राउंड शेप के हैं तो आपको नॉर्मल ब्रा पहननी चाहिए।

रिलैक्सड शेप ब्रेस्ट

इस तरह के बूब्स वैसे ही दिखते हैं जैसा इनका नाम है, एकमद रिलैक्सड। इस तरह के स्तनों के टिशूज ढीले होते हैं और नीचे की ओर झुके हुए होते हैं।

टिप्स – अगर आपके बूब्स रिलैक्सड शेप के हैं तो आपको क्लासिक टी- शर्ट ब्रा पहननी चाहिए।

ईस्ट- वेस्ट शेप ब्रेस्ट

इस तरह के बूब्स में दोनों निप्पल एक दूसरे से दूर की ओर इशारा करते हैं, यानी एक पूर्व की ओर तो दूसरा पश्चिम की ओर। इसलिए ये ईस्ट और वेस्ट शेप वाले बूब्स के नाम से जाने जाते हैं।

टिप्स – अगर आपके बूब्स ईस्ट- वेस्ट शेप के हैं तो आपको टी- शर्ट ब्रा पहननी चाहिए।

ब्रेस्ट निप्पल्स के प्रकार

आपने अलग- अलग आकार के स्तनों के बारे में पढ़ा है लेकिन क्या आप जानते हैं कि निप्पल्स भी कई तरह के होते हैं जैसे कि सॉफ्ट, हार्ड, सेंसिटिव, बालों वाले और बिना बालों वाले। आइए जानते हैं निप्पल्स के बारे में –

उभरा हुआ (Protruding)

समतल (Flat)

फूले हुए (Puffy)

उल्टे (Inverted)

एकतरफा उल्टे ( Unilateral Inverted)

बंपी (Bumpy)

बाल वाले (Hairy)

जरूरत से ज्यादा उभरे (Supernumerary)

ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के घरेलू नुस्खे

कुछ महिलाओं के ब्रेस्ट यानि कि स्तन पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाते हैं, ऐसे में उन्हें दूसरी महिलाओं के स्तन देखकर खुद में हीनभावना पैदा होने लगती है। कुछ महिलाएं तो स्तन का आकार बढ़वाने के लिए मेडिसिन और महंगे से महंगे इलाज करवाने के लिए भी तैयार हो जाती हैं। लेकिन ये बात आप अच्छी तरह जान लें कि साइज से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आप जैसे हैं वैसे ही बहुत खूबसूरत हैं लेकिन अगर आप फिर भी अपने ब्रेस्ट को अट्रैक्टिव दिखाने की कोशिश करना चाहते हैं तो फिजूल की मेडिसिन के चक्कर में न पड़ें। यहां आपको कुछ ऐसे आसान से घरेलू टिप्स बता रहे हैं जिनसे आप अपना मनचाहा ब्रेस्ट साइज पा सकती हैं।

  • ब्रेस्ट साइज बढ़ाने के लिए दूध और पपीते का सेवन साथ में करें।
  • अलसी के बीज खाएं लेकिन सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।
  • ब्रेस्ट को सही आकार देने के लिए मेथी के बीजों का सेवन करें या फिर इसका पेस्ट बनाकर भी आप अपने ब्रेस्ट पर लगा सकते हैं।
  • जैतून के तेल से रोजाना मालिश करें। फर्क जल्द ही नजर आने लगेगा।
  • रोजाना 2 से 3 केले खाने से भी ब्रेस्ट साइज बढ़ता है।
  • प्याज के रस में शहद मिलाकर उसका पेस्ट बनाएं और रात में सोने से पहले हल्के हाथों से ब्रेस्ट की मसाज करें।

ब्रेस्ट साइज को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

पहला सवाल – स्तन को सही शेप में लाने के लिए एक्सरसाइज कर सकते हैं?

जवाब- जी हां, छाती और पेक्टोरल मांसपेशियों पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक्सरसाइज करें, जैसे पुश-अप, चेस्ट प्रेस, आर्म राइज और चेस्ट पुल।

दूसरा सवाल –  क्या ब्रेस्टफीडिंग कराने से निप्पल्स का आकार बदल जाता है?

जवाब – जी हां, ब्रेस्टफीडिंग आपके स्तनों और निप्पल्स के आकार को बदल सकता है। इसमें लापरवाही के चलते निप्पल्स में शिथिलता, सिकुड़न और गांठ हो सकती है। हालांकि, वर्कआउट करने और सही खाने से आपको अपने प्राकृतिक स्तन के आकार और निप्पल्स को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

तीसरा सवाल – क्या स्तनों को दबाने से उनका आकार बढ़ता है ?

जवाब – जी नहीं, ये एक मिथ है। बूब्स को दबाने से उसके आकार में कोई परिवर्तन नहीं होता है। लेकिन मालिश करने से फर्क पड़ता है।

चौथा सवाल – वजन के हिसाब से स्तन का आकार कैसा होना चाहिए ?

जवाब – पहले तो ये बात जान लें कि स्तन के आकार का वजन से कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि स्तनों का घटना और बढ़ना हार्मोंस पर निर्भर करता है।

पांचवा सवाल – ब्रेस्ट क्यों लटक जाते हैं ?

जवाब – ये समस्या उम्र बढ़ने के साथ और भी बढ़ती जाती है। क्योंकि ब्रेस्ट को शेप में लाने वाले लिगामेंट कोलेजन और इलास्टिन से बने होते हैं जो उम्र के साथ टूटने लगते हैं और आपके ब्रेस्ट में कसाव कम हो जाता है जिससे वो लटक जाते हैं। इसके लिए मालिश करें।

source : popxo

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