पेट की समस्या से हैं परेशान तो आजमाएं ये चूर्ण, रात भर में सारी गंदगी कर देगा साफ - HEALTH IS WEALTH
पेट की समस्या से हैं परेशान तो आजमाएं ये चूर्ण, रात भर में सारी गंदगी कर देगा साफ

पेट की समस्या से हैं परेशान तो आजमाएं ये चूर्ण, रात भर में सारी गंदगी कर देगा साफ

हमारे पेट में किसी भी प्रकार की समस्या हो जाए तो हमें कई सारी बीमारियों के होने का खतरा रहता है, हमारे अनियमित खान पान की वजह से ही हमें पेट में गैस, एसिडिटी तथा कब्ज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बात करें हमारी बड़ी आंत की तो अगर बड़ी आंत की सफाई अच्छे तरीके से ना की जाए तो हमें 50 सालों के बाद कैंसर के होने का खतरा रहता है। हम अपने खाने में फाइबर की कमी करते हैं और वसा की अधिकता तो इससे हमारे आंत के अच्छे जीवाणु मर जाते हैं और नुकसान करने वाले कीटाणुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। जिसकी वजह से हमारा खाना अच्छी तरह पचता नहीं है, तो इसलिए हमें ऐसे भोजन करना चाहिए जो की आसानी से पच जाए और हमारे पाचन क्रिया को दुरुस्त रखे। यदि हम महीने में एक बार या 15 दिन में अपने आंतों कि सफाई कर लें तो हमारे शरीर की यह मशीन करीब नई के जैसी हो जाएगी और अपना कम सही और सुचारू ढंग से करने लग जाएगी। इसके लिए आयुर्वेद में एक विधि बताई गई है जिसे विरेचक कहा जाता है।

इसे हम घर पर भी कर सकते हैं, तो इसके लिए हम घर पर ही आयुर्वेद के एक फार्मूले का प्रयोग कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं क्या है वो फॉर्मूला जो आयुर्वेद में दिया गया है। आपको बताते चलें की इस फार्मूले को त्रिफला का नाम दिया गया है,बता दें की त्रिफला कुछ चीजों का मिश्रण है और इस मिश्रण में हरण और बहेडे का बराबर मात्रा में मिश्रण होता है। आयुर्वेदिक के एक्सपर्ट डॉक्टर्स के अनुसार जो भी हम खाते हैं जैसे कि फल, सब्जी, अन्न और पानी ये सब हमारे शरीर में जाता है।

आपकी जानकरी के लिए यह भी बताते चलें की ये हमारे पेट के लिए बेहद ही अद्भुत माना जाता है, त्रिफला का गुण ये हैं की उसके सेवन से हमारे शरीर का खाना पच कर हमारे शरीर की विभिन्न कोशिकाओं ताथा अंगों का पोषण करते हुए नए शरीर का निर्माण करते हैं। इससे हमारे शरीर में जब भोजन जाता है और वो पच जाता है तो भोजन के इस अवशेष को वेस्ट कहते हैं और इसका समय समय पर निष्काषन होना बेहद ही महत्वपूर्ण होता है वह भी अपनी सामान्य प्रक्रिया से होता है जो की बहुत ही आवश्यक है।

आपको यह भी पता होना चाहिए की अगर इस वेस्ट को निष्कासित होने में देरी हो जाती है तो यह पेट कि क्रियाविधि को प्रभावित करती है तथा इसके साथ ही शरीर में टॉक्सिन की मात्रा में भी वृद्धि होने लगती है जो निश्चित रूप से हमारे शरीर और स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक है। जो विधि हमने आपको उपर में बताया है यदि आप उसका प्रयोग नियमित रूप से अगर केवल 15 दिन तक कर लेते हैं तो यकीन मानिए आप ऐसा करने से कई तरह की छोटी बड़ी बीमारियों से खुद को आसानी से बचा लेते हैं और तो और आपका स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है और आपको दवा और डॉक्टर आदि के खर्चे से भी निजात मिलती है।

source : newstrend

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *