अनार से बढ़ेगी दोस्ती तो हड्डियां होंगी मजबूत और कंट्रोल में रहेगी डायबिटीज - HEALTH IS WEALTH
अनार से बढ़ेगी दोस्ती तो हड्डियां होंगी मजबूत और कंट्रोल में रहेगी डायबिटीज

अनार से बढ़ेगी दोस्ती तो हड्डियां होंगी मजबूत और कंट्रोल में रहेगी डायबिटीज

अनार (Pomegranate) एक ऐसा औषधीय फल है, जो कई बीमारियों को जड़ से मिटाने में कारगर साबित होता है। एक कहावत तो आपको याद ही होगी कि एक अनार, सौ बीमार। इस कहावत का अर्थ है, किसी एक चीज़ के फायदों पर कई लोगों की नज़र होना। जब बात अनार के औषधीय गुणों की हो रही है तो हम आपको बता दें कि एक अनार सौ बीमारियों पर कारगर साबित होता है, यानी सिर्फ अनार का सेवन भर ही आपको सौ से भी ज्यादा बीमारियों से बचा सकता है। आप कई बीमारियों को हमेशा के लिए बाय-बाय कह सकते हैं।

अनार न सिर्फ शरीर के लिए, बल्कि बालों और त्वचा के लिए भी बेहद फ़ायदेमंद है। अनार का जूस हर दिन पीने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं तो वहीं अनार से कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी बनाए जाते हैं, क्योंकि यह त्वचा को सुंदरता प्रदान करता है। यह दरअसल दानेवाला फल होता है। इसके लाल-लाल दाने न सिर्फ दिखने में खूबसूरत होते हैं, बल्कि खाने में भी उतने ही स्वादिष्ट होते हैं। इसे सलाद, जूस और कई तरह की मिठाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है। अनार भारत में कई स्थानों पर पाया जाता है। कई लोग अपने होम गार्डन में भी अनार उगाते हैं। अनार के ऊपर का हिस्सा छिलकेदार होता है और अंदर दाने होते हैं। कई जगह इसे लाल दाना भी कह कर पुकारा जाता है। आपको जान कर हैरानी होगी कि अनारदाने से स्वादिष्ट पाचक भी बनते हैं, जो काफी पसंद किए जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं, अनार से जुड़े स्वास्थ्य लाभों के बारे में।

अनार के पोषक तत्व

अनार में शरीर और त्वचा के लिए जरूरी अनेक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसमें सबसे अधिक पानी की मात्रा होती है, जो चेहरे पर निखार लाने का काम करती है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा भी प्रमुख रूप से होती है। इसकी वजह से यह कई तरह के रोगों से हमें बचाने का काम तो करता ही है, साथ ही वजन कम करने में भी काफी फायदेमंद साबित होता है, क्योंकि इसमें फैट नाममात्र का ही होता है। जो व्यक्ति अपना वजन काम कर रहे हैं, वे इसका सेवन नियमित रूप से कर सकते हैं। अनार में कैल्शियम के अलावा मैग्नीशियम, पोटेशियम, सोडियम, ज़िंक की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है। साथ ही यह विटामिन सी का भी काफी अच्छा स्रोत है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भी पाया जाता है।

अनार से जुड़े स्वास्थ्य लाभ

अनार के सेवन से कई बीमारियों को आप चुटकी में दूर भगा सकते हैं। सेब की तरह ही अनार नियमित रूप से खाने से आपको डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

हृदय रोग

अनार में चूंकि एंटीऑक्सीडेंट्स पर्याप्त मात्रा में होते हैं, इसलिए इसे हृदय के लिए बहुत ही बेहतरीन फल माना जाता है। अनार से अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है और बुरे कोलेस्ट्रॉल का स्तर गिरता है। इस वजह से हृदय के लिए यह लाभकारी साबित होता है। यह गुणकारी फल सीरम कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करने में सहायक होता है। अनार के सेवन से तनाव में कमी आती है और कोशिकाओं को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचती। साथ ही ब्लॉक आर्टरी को भी खोलने में आसानी होती है। इन सबके अलावा अनार के दाने रक्तचाप को सामान्य करके हृदय की कोशिकाओं में आई सूजन को भी समाप्त करते हैं। इन सभी कारणों से हृदय रोग से शरीर बचा रहता है।

मधुमेह

कई लोगों को गलतफहमी हो जाती कि अनार बहुत ही स्वादिष्ट और मीठा फल है तो हानिकारक होता है। हकीकत ये है कि अनार में मौजूद शुगर किसी भी रूप में शरीर को हानि नहीं पहुंचाती है। यही नहीं, यह मधुमेह से होने वाली समस्या एथेरोस्क्लेरोसिस की आशंका को भी कम कर देता है। अनार में एलाजिक, गैलिक और ओर्सोलिक एसिड जैसे तत्व भी होते हैं, जिनमें एंटी-डायबिटीज के गुण होते हैं। इसके अलावा अनार के दाने में एंटीऑक्सीडेंट पॉलीफेनॉल्स गुण भी होते हैं, जो टाइप-2 डायबिटीज को रोकने में सहायक होते हैं।

कैंसर

कैंसर को रोकने में अनार के दाने बहुत सहायक होते हैं। इसके दानों में एंटी कैंसर के गुण होते हैं। इस गुण के कारण ही अनार शरीर में एलेगिटैनिंस नामक जरूरी यौगिक के प्रभाव को बढ़ाता है, जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। साथ ही यह स्किन कैंसर से भी रक्षा करता है। फेफड़े के कैंसर को भी यह रोकता है। यह भी सिद्ध हो चुका है कि शरीर में किसी भी तरह का ट्यूमर पनपने पर अगर अनार के जूस का सेवन किया जाए तो ट्यूमर तक होने वाली ब्लड की सप्लाई बंद हो सकती है। इससे भी धीरे-धीरे ट्यूमर बढ़ने से रुकने लगता है।

पाचन तंत्र

चूंकि अनार में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, इसीलिए यह पाचन तंत्र के लिए बेहतरीन फल है। विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स शरीर में मौजूद वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। अनार में फाइबर व अन्य जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं, जो अच्छे पाचन तंत्र के लिए जरूरी हैं। साथ ही कब्ज़ की परेशानी से भी निजात मिलती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

अनार के दानों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल व एंटीवायरल गुण रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। अनार के दाने इन्हीं गुणों के कारण विभिन्न प्रकार के बैक्टीरिया व वायरस से लड़ पाते हैं और कई बीमारियों से भी बचाते हैं।

गर्भावस्था

अनार के दानों में ऐसे गुण हैं कि डॉक्टर्स प्रेग्नेंट महिलाओं को इसके नियमित सेवन के लिए कहते हैं। यह प्लेसेंटा से होने वाली क्षति की आशंका को कम कर सकता है। अनार में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान प्लेसेंटा की रक्षा करता है । यही नहीं, अनार में जो फोलेट होता है, वह गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत के लिए जरूरी होता है। अनार को लेकर यह भी मान्यता है कि यह ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने में सहायक होता है।

मासिक धर्म

हर महीने पीरियड के कारण अक्सर महिलाओं को एनीमिया की समस्या हो जाती है। ऐसे में आयरन से भरपूर अनार उन्हें इस परेशानी से उबारने में मदद करता है। साथ ही गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं को भी कुछ हद तक दूर करने में सहायक होता है।

इसके अलावा अनार फाइबर का मुख्य स्रोत है, जिस कारण यह यीस्ट के संक्रमण को भी ठीक कर सकता है। यह फंगस को जड़ से खत्म करने में सहायक होता है।

हड्डियों की मज़बूती

हड्डियों की मज़बूती के लिए अनार एक बहुत ही लाभदायक फल है। अनार के दानों में एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो अर्थराइटिस जैसी बीमारी में फायदेमंद साबित हो सकते हैं। साथ ही साथ अनार के सेवन से जोड़ों में दर्द और सूजन कम हो जाती है। यही नहीं, गठिया रोग का कारण बनने वाले एंजाइम भी अनार के सेवन से नष्ट हो जाते हैं।

रक्तचाप

अनार के दाने खराब कोलेस्ट्रॉल को शरीर में खत्म कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाने में मदद करते हैं और आर्टरी की धमनियों में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आने देते हैं। अनार में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसी कारण रक्तचाप को नियंत्रित रखने में अनार फायदेमंद साबित होता है।

एंटी इंफ्लेमेटरी

अनार के दानों के सेवन से ऐसी भी कई बीमारियों का निदान हासिल किया जा सकता है, जिन बीमारियों के बारे में आप सोच कर भी घबरा जाते हैं। दरअसल कई बार शरीर में फ्री रेडिकल्स, यानी मुक्त कण बनने लगते हैं, जो स्वास्थ्य को कई प्रकार से प्रभावित करते हैं। इन फ्री रेडिकल्स के कारण शरीर में जगह-जगह सूजन और ऑक्सिडेटिव डैमेज का खतरा भी रहता है। ऐसे में अगर अनार का सेवन नियमित रूप से किया जाए तो फ्री रेडिकल्स शरीर से बाहर निकल जाते हैं। साथ ही इंफ्लेमेशन के कारण होने वाली परेशानियों से भी आसानी से निदान मिल जाता है।

वजन घटाना

वजन घटाने के लिए अनार से बेहतरीन फल और कोई है ही नहीं, क्योंकि यह स्वादिष्ट तो लगता ही है, साथ ही साथ यह बहुत लाभकारी भी होता है। इसे आसानी से घर में ही जूस के या सलाद के रूप में खाया जा सकता है।

अनार में चूंकि फाइबर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह वजन घटाने में बहुत ही लाभदायक होता है। अनार के दानों और उसकी पत्तियों में वसा को कम करने के गुण होते हैं, इसलिए डायटिशियन भी अनार के सेवन की राय देते हैं। इसके सेवन के बाद लंबे समय तक भूख भी नहीं लगती है।

किडनी स्टोन को रोकने में सहायक

भारत में हर दूसरा व्यक्ति शरीर में होने वाली किसी न किसी प्रकार की स्टोन संबंधी समस्या से परेशान है। ऐसे में अनार के सेवन से किडनी स्टोन की परेशानी से निदान मिलता है। इसकी वजह यह है कि अनार खाने से किडनी की कार्यप्रणाली बेहतर होती है और बिना कोई इलाज या दवा लिए पथरी व विषैले जीवाणु अपने-आप बाहर निकल जाते हैं। अनार एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जिस कारण यह मूत्राशय की दीवार पर बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है।

फैटी लीवर

इन दिनों कई युवा भी फैटी लीवर की परेशानी से ग्रसित होते हैं, क्योंकि उनकी लाइफस्टाइल ऐसी हो चुकी है कि वे पौष्टिक आहार नहीं ले पाते हैं, जिसकी वजह से उन्हें इस परेशानी से जूझना पड़ता है। ऐसे में अनार बहुत ही लाभदायक साबित होता है। अनार के सेवन से शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस और सूजन कम होती है और इसकी वजह से ही लीवर में जमा हुए अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद मिलती है। पीलिया होने पर भी अनार लीवर की सुरक्षा करता है।

त्वचा के लिए लाभकारी अनार

न सिर्फ सेहत के लिए, बल्कि आपकी त्वचा को भी कई लिहाज से अनार लाभ पहुंचाता है। अनार प्रोटीन के उत्पादन को बढ़ाकर त्वचा को झुर्रियों से बचाने में भी मदद करता है। अनार का रस बेहतरीन क्लींजर का भी काम करता है। अनार के रस में रूई डुबोकर उसे अपने चेहरे पर लगाने से चेहरा चमकदार होता है। यह एक अच्छा मॉइश्चराइजर भी है और त्वचा की गहराई में जाकर जरूरी नमी प्रदान करता है। यह कील-मुंहासों को जड़ से मिटाने का भी काम करता है। सूजन से राहत पाने के लिए आप अनार के बीज के तेल को त्वचा पर लगा सकते हैं। अनार का रस टोनर की तरह भी काम करता है। यह त्वचा के रोमछिद्रों को बंद कर खूबसूरती को बनाए रखता है।

बालों के लिए बेहतरीन

अनार के सेवन से आपके बालों की खूबसूरती में भी बढ़ोत्तरी होती है। अनार का एंटीऑक्सीडेंट गुण सिर में मौजूद हेयर फॉलिकल्स को बेहतर करता है और स्कैल्प में रक्त संचार को बेहतर करता है।

अनार बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में भी मदद करता है। अनार के प्रयोग से बालों को जरूरी विटामिंस और मिनरल्स मिलते हैं। अनार के बीज का तेल भी रूखे बालों के लिए बहुत अच्छा होता है।

अनार को किस-किस तरह से कर सकते हैं प्रयोग

अनार का प्रयोग कई रूपों में किया जा सकता है। इसे आप नियमित रूप से जूस के रूप में ले सकते हैं या फिर सिर्फ इसके दानों का भी सेवन किया जा सकता है। साथ ही कई तरह के पकवानों में भी इसका इस्तेमाल होता है। सलाद के रूप में इसका सबसे ज्यादा प्रयोग होता है। अगर आप आइसक्रीम बना रहे हो, रायता बना रहे हो या फिर कस्टर्ड बना रहे हो, इनमें अनारदाने का इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए। इससे न सिर्फ स्वाद बढ़ता है, बल्कि उस भोजन की पौष्टिकता भी बढ़ती है। अनार के बीज से तेल भी बनाया जाता है, जिससे आपके बालों की जड़ें बहुत मज़बूत हो जाती हैं । यूं तो अनार का सेवन किसी भी वक्त कर सकते हैं, लेकिन डॉक्टर्स का मानना है कि सुबह-सुबह अनार के सेवन का बिल्कुल सही वक्त होता है। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। अनार का इस्तेमाल फ्रूट जेली बनाने में भी होता है। जेली बनाने के लिए अनार के दाने को पीस दिया जाता है और उसके बाद उसमें कुछ प्रेज़रवेटिव का इस्तेमाल किया जाता है।

अनार के साइड इफेक्ट

इसमें कोई शक नहीं है कि अनार बहुत ही लाभकारी और पौष्टिक फ्रूट है, मगर कई मामलों में डॉक्टर इसे न खाने की भी राय देते हैं। अनार के अत्यधिक सेवन से कुछ परेशानियां हो सकती हैं, जिसके बारे में जान लेना जरूरी है।

अगर आप सर्दी-खांसी से परेशान हैं तो आपको अनार का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह बहुत ठंडा फल होता है। इससे आपकी सर्दी और खांसी और बढ़ सकते हैं। इसके अलावा कई लोगों को अनार खाने से एलर्जी भी हो सकती है। ऐसे में अनार का सेवन तुरंत रोक देना चाहिए। कई डॉक्टर्स राय देते हैं कि अगर आप कई बीमारियों से ग्रसित हैं और कई तरह की दवाइयां खा रहे हैं तो अनार का सेवन नहीं करना चाहिए। खासतौर से जो उच्च रक्तचाप के पेशेंट होते हैं और बहुत ज्यादा हाइ डोज़ की दवाइयां लेते हैं, उन्हें भी अनार के सेवन से बचना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि अगर अनार सुबह के वक्त खाएं तो ही बेहतर है। अनार का सेवन अगर आप नियमित रूप से करना चाहते हैं तो एक बार अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए। कई बार लोगों को अनार के अत्यधिक सेवन की वजह से सांस लेने में दिक्कत या सूजन जैसी परेशानी भी आ सकती है। कई लोगों को रैशेज भी हो जाते हैं, इसलिए ज़रूरी है कि अनार को सही वक्त पर और सही मात्रा में ही इस्तेमाल किया जाए।

अनार के सेवन को लेकर पूछे गए पांच सवाल और जवाब

1. सवाल :  डॉक्टर रक्त को बढ़ाने के लिए सबसे पहले अनार खाने की ही सलाह क्यों देते हैं? 

जवाब : जी हां, बिल्कुल सच है कि अनार खाने से रक्त बनने में मदद मिलती है। यही वजह है कि जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है तो उसे सबसे पहले अनार का जूस पीने की राय दी जाती है। अनार के बीज शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इससे रक्त बनता हैं, इसलिए डॉक्टर इसे लेने की सलाह देते हैं। खून की कमी होने पर यह बहुत लाभदायक साबित होता है।

2. सवाल : अनार सिर के गंजेपन को भी दूर करता है। इस बात में कितनी सच्चाई है?

जवाब : जी हां, यह सच है कि अनार के छिलकों को पीस कर लगाने से सिर के गंजेपन को कम किया जा सकता है। इसका अथवा इसके पत्तों का लेप लगाने से भी काफी फायदा होता है। 

3. सवाल : पीलिया जैसी बीमारी में अनार के सेवन से किस तरह लाभ होता है? क्या यह भूख बढ़ाने में भी सहायक होता है?

जवाब : जी हां, बिल्कुल इसके एंटीऑक्सिडेंट्स गुण की वजह से पीलिया जैसी बीमारी से छुटकारा मिलता है। इस बीमारी में अनार का जूस ज़रूर पीना चाहिए। रही बात भूख बढ़ाने की तो यह भी सच है कि डॉक्टर राय देते हैं कि भूख न लगने कि परेशानी हो तो अनार के जूस का सेवन हर दिन करने से भूख खुुलकर लगनी शुरू हो जाती है।

4. सवाल : स्तन के आकार को आकर्षक बनाने में भी अनार सहायक होता है। यह बात किस हद तक सही है?

जवाब : यह सच है, लेकिन यह नुस्खा अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी जरूरी होती है। अनार के छिलके को कूट-पीस कर, उसे सरसो के तेल के साथ मिलाकर लेप बनाकर स्तन पर लगाया जाए तो स्तन सुडौल हो जाते हैं, लेकिन यह नियमित रूप से करने पर ही फायदेमंद है।

5. सवाल : बवासीर की बीमारी में अनार से कैसे लाभ मिलता  है?

जवाब : अनार के पत्तों को पीस कर, गर्म पानी में खौला कर, वह पानी पीने से बवासीर की परेशानी से छुटकारा मिलता है।

source : popxo

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