बच्चों में बढ़ रही तनाव की समस्या, जाने इसका उपचार - HEALTH IS WEALTH
बच्चों में बढ़ रही तनाव की समस्या, जाने इसका उपचार

बच्चों में बढ़ रही तनाव की समस्या, जाने इसका उपचार

अवसाद एक बहुत ही बुरी मानसिक बीमारी है जो देखने में बड़ी आम लगती है, लेकिन होती बहुत खतरनाक है। अवसाद यानी डिप्रेशन आज के वक्त में बहुत ही आम हो गया है। एक बात लोगों को बेहतर तरीके से समझना चाहिए कि मन खराब होने में, उदास होने में और डिप्रेशन में जाना बहुत ही अलग चीज है। आपका मन एक या दो दिन के लिए खराब हो सकता है या फिर कुछ पल के लिए, लेकिन डिप्रेशन का समय ज्यादा बड़ा होता है। इसमें युवा तो घिर ही रहे हैं , साथ ही आजकल बच्चों में यह स्थिति बिगड़ती जा रही है। कई बार मां पिता और स्कूल के टीचर भी यह बात नहीं समझ पाते।

बच्चों में हो रहा है अवसाद

अमेरिका के एक प्रोफेसर ने बताया कि शिक्षक और माता पिता के बच्चों के अवसाद को पहचानने में 5- 10 प्रतिशत का अंतर होता है। ऐसा इसलिए समझ सकते हैं क्योंकि शिक्षक के पास यह समझने में आसानी होती है कि बच्चा डिप्रेश है या नही । मसलन बच्चे का क्लास में मूड कैसा रहता है। उसके कितने दोस्त हैं। वह क्लास में कैसे ध्यान देता हैं। इन बातों को एक शिक्षक ज्यादा आसानी से समझ पाते हैं। माता पिता को यह लक्षण पहचानने में दिक्कत होती है।

डिप्रेशन के प्रकार

मुख्य रुप से देखा जाए तो डिप्रेशन के भी कई कारण हो सकते हैं।

मेजर डिप्रेशन

इसमें व्यक्ति गहरी निराशा में चला जाता है और आशाहीन हो जाता है। वह किसी भी एक्टिविटी में जल्दी हिस्सा नहीं लेना चाहता है। मेजर डिप्रेशन ज्यादातर युवाओं में होता है और इसके वह आसार भी बहुत कम होते हैं।

क्रोनिक अवसाद

कुछ लोगों को डिप्रेशन इतना ज्यादा हो जाता है कि उन्हें मानसिक अवसाद से बाहर निकलने के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। जो लोग अस्पताल में भर्ती होते हैं सायकोटिक डिप्रेशन से पीड़ित है।

मौसम प्रभावित डिप्रेशन

डायमिस्टिया एक ऐसा अवसाद है जो लंबे समय से चला आ रहा हो। वैसे यह कोई गंभीर अवसाद नही है, लेकिन जो लोग डॉयस्मिया से पीड़ित होते वह सामान्य रुप से भी अपना कार्य कर लेते हैं, लेकिन उनके चेहरे पर से खुशी गायब रहती है। वहीं मौसमी डिप्रेशन वह होता है जिसमें वसंत या सर्दियों की शुरुआत में होता है। कई बार तपती गर्मी में भी ऐसा महसूस होता है जैसे जीवन उदास है।

क्या हैं डिप्रेशन के लक्षण

  • उदास रहना
  • थकावट महसूस करना
  • दुखी होना
  • गुस्सा करना
  • हमेशा चिड़चिड़ा पन महसूस करना
  • बहुत ज्यादा या कम नींद आना
  • दूसरों से अलग रहना
  • बेचैन रहना
  • काम में खराब प्रदर्शन
  • बच्चों के लिहाज से- खेलने ना जाना, दोस्त ना बनाना
  • काम में एक्टिव ना रहना

डिप्रेशन से बचाव

खाना

हर किसी की खुशी का रास्ता उसके पेट से जुड़ा हुआ होता है। कई बार जब मन दूखी हो और अच्छा खाना मिल जाए तो फिर आपके मूड में जल्दी सुधार देखने को मिलता है। बच्चों के साथ भी ऐसा ही होता है। अगर वह ज्यादा दूखी रहें तो उन्हें अच्छा अच्छा भोजन पका कर खिलाएं। बादाम और काजू का सेवन करें।अपने आहार में विटामिन और मैग्निशियम का भी सेवन करना बहुत जरुरी है। केवल ताजे फल और सब्जियां खाएं। खाना हमेशा समय पर बनाएं। इससे डिप्रेशन को कम किया जा सकता है।

व्यायाम

डिप्रेशन को दूर करने के लिए व्यायाम भी एक अच्छा विकल्प है। हलासन पश्चिमोत्नासान, सर्वांगासन करने से डिप्रेशन से लड़ने में बहुत फायदा मिलता हैय। बच्चों को भी इसक लिए प्रेरित करें। कुछ ना कर सकें तो सुबह टहलने ही जाएं।

संगीत

संगीत सुनना कानों के लिए बहुत ही अच्छा रहता है। संगीत आपके अंदर जोश भरता है। आप फिर से खुश हो जाते हैं। अगर ऐसी स्थिति में हो तो अच्छा गाना सुनें। म्यूजिक का आनंद उठाएं।

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