दांतों के लिए क्यों जरूरी है टीथ स्केलिंग - HEALTH IS WEALTH
दांतों के लिए क्यों जरूरी है टीथ स्केलिंग

दांतों के लिए क्यों जरूरी है टीथ स्केलिंग

दांतों की स्केलिंग, आमतौर पर रूट प्लानिंग के साथ ही की जाती है। सरल शब्दों में इसे दांतों की ‘गहरी सफाई’ के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें दांतों की समस्याओं जैसे–दांत की मैल, प्लाक (बैक्टीरिया से बनने वाली हल्के पीले रंग की परत) और दाग-धब्बे का उपचार किया जाता है। टीथ स्केलिंग और रूट प्लानिंग से पुरानी पीरियोडॉन्टल बीमारी (मसूड़ों की बीमारी) के इलाज में मदद मिलती है।

टीथ स्केलिंग क्यों जरूरी है?

यह प्रक्रिया आपके मुंह को हेल्दी रखती है। अगर आपके मुंह में गंभीर पीरियोडॉन्टल बीमारी के लक्षण हैं, तो डेंटिस्ट दांतों की स्केलिंग और रूट प्लानिंग की सलाह देता है। यूं तो हम अपने दांत ब्रश से साफ करते हैं, पर टूथब्रश से दांत के हर कोने की सफाई सही नहीं हो पाती है। स्केलिंग की मदद से दांतों के चारों तरफ जमी हुई सख्त गंदगी को हटाया जाता है और यदि यह गंदगी समय के साथ साफ न की जाए तो दांतों की और बीमारियां होने की संभावना बढ़ सकती है।

टीथ स्केलिंग कैसे की जाती है और क्या यह दर्दनाक प्रक्रिया है?

दांतों में जमी जिद्दी गंदगी को बाहर निकालने का ‘स्केलिंग’ एक टेक्निकल और साइंटिफिक जरिया है। दांतों की स्केलिंग के लिए दो विधियां अपनाई जाती हैं- एक विधि में डॉक्टर हाथ से उपकरण के द्वारा प्लाक को साफ करता है, दूसरी विधि में डेंटिस्ट एक अल्ट्रासोनिक उपकरण के द्वारा दांतों की सफाई करता है। यह एकदम दर्दरहित प्रक्रिया है। 

टीथ स्केलिंग के अन्य क्या फायदे हैं?

स्केलिंग से डेंटिस्ट आपके मुंह की अच्छे से जांच कर पाता है क्योंकि ज्यादातर शारीरिक बीमारियों के लक्षण मुंह में दिखाई देते हैं, इसीलिए उन बीमारियों को समय से पहले पता लगाने का मौका भी मिलता है। टीथ स्केलिंग से दांतों और मसूड़ों के बीच गैप भी कम किया जा सकता है। मसूड़े में सूजन और मसूड़ों की बीमारी इंसान के दिल तथा रक्त वाहिकाओं संबंधी हेल्थ पर सीधा प्रभाव डालती हैं। दांतों की स्केलिंग की सहायता से दांतों के मैल को हटाकर स्ट्रोक, हाई बीपी, हार्ट डिसीज, डाइबिटीज और कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों के जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

क्या टीथ स्केलिंग से मुंह की दुर्गंध की समस्या भी दूर होती है?

हां, अगर कोई व्यक्ति काफी समय से सांस की बदबू (जिसे हैलिटोसिस के नाम से जानते है) या मुंह की दुर्गंध से पीड़ित हैं, तो इससे निजात पाने के लिए भी डेंटल स्केलिंग प्रभावी है।

टीथ डेंटल स्केलिंग के बाद क्या सावधनी बरतनी चाहिए?

दांतों की स्केलिंग और रूट प्लानिंग के बाद हो सकता है आप हल्का-सा दर्द मुंह के आसपास महसूस कर सकते हैं। कुछ लोगों में प्रक्रिया के कुछ दिनों बाद तक सूजन या ब्लीडिंग भी देखने को मिलती है जिसको कम करने के लिए डेंटिस्ट मेडिकेटिड टूथपेस्ट और माउथवॉश का उपयोग करने की सलाह देते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि डेंटल स्केलिंग के बाद दांतों की सफाई के लिए आप डॉक्टर द्वारा बताई गई प्रक्रियाओं का उपयोग करें।

मुंह की सेहत शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है इसलिए लगभग सभी डेंटिस्ट दांतों की स्केलिंग की सलाह देते हैं। जरूरत के अनुसार कराई गई डेंटल स्केलिंग आपके मुंह और दांतों को हेल्दी बनाएं रखने में मदद कर सकता है। 

source : helloswasthya

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