एक ग्‍लास दूध पीने से शांत हो सकती है सीने की जलन, जानें कब और कैसे पीना है सही - HEALTH IS WEALTH
एक ग्‍लास दूध पीने से शांत हो सकती है सीने की जलन, जानें कब और कैसे पीना है सही

एक ग्‍लास दूध पीने से शांत हो सकती है सीने की जलन, जानें कब और कैसे पीना है सही

हार्टबर्न या सीने में जलन, जिसे एसिड रिफ्लक्स भी कहा जाता है, यह गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग का एक सामान्य लक्षण है, जिससे अमेरिका की लगभग 20% आबादी प्रभावित है। भारत में भी इनकी संख्‍या बहुत ज्‍यादा है। हार्टबर्न तब होता है जब गैस्ट्रिक एसिड सहित आपके पेट में मौजूद खाद्य सामग्री, आपकी ग्रासनली की ओर वापस जाने लगती है, जिससे आपको अपने सीने में जलन महसूस होती है।  

कुछ लोग दावा करते हैं कि गाय का दूध एसिड रिफ्लक्सन का एक प्राकृतिक उपचार है, जबकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि, इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। इस लेख में हम अलग-अलग दावों और शोध के माध्‍यम से विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या दूध हार्टबर्न से छुटकारा दिलाता है। यहां हम आपके सामने कुछ तथ्‍य रख रहे हैं, दूध में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन हार्टबर्न को दूर करने में मदद कर सकता है।

एसिड रिफ्लक्स में कैल्शियम की भूमिका 

कैल्शियम कार्बोनेट को अक्सर कैल्शियम पूरक के रूप में उपयोग किया जाता है। गाय के दूध का एक कप (245 मिलीलीटर) दैनिक जरूरत का 21-23% कैल्शियम प्रदान करता है, भले ही यह फुल या लो फैट मिल्‍क हो। इसकी उच्च कैल्शियम मात्रा को लेकर दावा है कि यह एक हार्टबर्न का प्राकृतिक उपाय है। 11,690 लोगों में किए गए एक अध्ययन ने निर्धारित किया है कि कैल्शियम का उच्च सेवन पुरुषों में एसिड रिफ्लक्स के कम जोखिम से जुड़ा था।

एसिड रिफ्लक्स में प्रोटीन की भूमिका

दूध प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत है, एक 1 कप (245 मिलीलीटर) में 8 ग्राम प्रोटीन होता है। एसिड रिफ्लक्स वाले 217 लोगों में एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने अधिक प्रोटीन का सेवन किया उनमें लक्षण होने की संभावना कम थी। शोधकर्ताओं का मानना है कि प्रोटीन एसिड रिफ्लक्स का इलाज करने में मदद कर सकता है क्योंकि यह गैस्ट्रिन स्राव को उत्तेजित करता है। हालांकि, गैस्ट्रिन भी पेट के एसिड के स्राव में शामिल होता है, जो आपके सीने में जलन को बढ़ा सकता है। इसलिए, यह स्पष्ट नहीं है कि दूध में प्रोटीन एसिड रिफ्लक्स को रोकता है या बढ़ाता है।

दूध पीने के फायदे 

दूध कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है। यह पोषक तत्वों से भरपूर है। नियमित रूप से दूध का सेवन आपको जीवन भर के लिए मजबूत हड्डियां और दांत दे सकता है। नाश्ते के लिए दूध पीना ज्यादातर भारतीय घरों में एक रस्म की तरह है। दूसरी ओर, बिस्तर पर जाने से पहले भी कुछ लोग दूध पीते हैं। अधिकांश लोग दूध पीने के सर्वोत्तम समय के बारे में उलझन में हैं। सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण खाना होता है।

दूध पोषक तत्वों से भरा होता है। इसे अपने नाश्ते में शामिल करने से आप कई पोषक तत्वों के साथ अपने दिन की शुरुआत कर सकते हैं। दूध भी प्रोटीन का एक स्रोत है जो आपके नाश्ते के लिए भी एक अच्छा तत्व है। अपने दिन को स्वस्थ शुरुआत देने के लिए नाश्ते के लिए दूध पिएं। लेकिन सुनिश्चित करें कि आप सिर्फ दूध न पीएं। दूध के साथ-साथ अपने नाश्ते में अन्‍य हेल्‍दी चीजों को शामिल करें।

पोषण विशेषज्ञों की मानें तो नाश्ते में दूध का सेवन बहुत महत्वपूर्ण और स्वस्थवर्धक हो सकता है, बशर्ते आपको इसे डायरेक्‍ट नहीं लेना चाहिए, इसमें आप ओट्स, ड्राई फ्रूट्स और दूध की दलिया बना सकते हैं। इसके अलावा आप रात में नियमित रूप से दूध का सेवन कर सकते हैं। गुनगुने दूध में शहद मिलाकर पीना फायदेमंद हो सकता है। दूध सीने में जलन की समस्‍या से छुटकारा दिलाता है। मगर इस बात का ध्‍यान रखे कि दूध ठंडा और स्किम्‍ड हो।

source : onlymyhealth

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