जानें मछली खाने से कैसे कम हो जाता है दिल की बीमारियों का खतरा? - HEALTH IS WEALTH
जानें मछली खाने से कैसे कम हो जाता है दिल की बीमारियों का खतरा?

जानें मछली खाने से कैसे कम हो जाता है दिल की बीमारियों का खतरा?

अपनी हेल्दी डाइट में हफ्ते में दो बार मछली को शामिल किया जाना चाहिए। डॉक्टर्स का मानना है कि ओमेगा थ्री फैटी एसिड वाली ऑइली मछली खाने से दिल की बीमारियों का खतरा कम करने में मदद मिलती है। सैलमन, मैकरेल जैसी ऑइली मछलियों में ही ओमेगा 3 पाया जाता है। हालांकि, मछली के अलावा ह्दय स्वस्थ रखने के लिए आप कैनोला ऑइल, फ्लैक्स सीड यानी अल्सी के बीज और अखरोट खा सकते हैं।

हालांकि, इनमें से ओमेगा-थ्री फैटी एसिड के सप्लिमेंट और फिश ऑइल को नहीं लिया जाना चाहिए। क्योंकि रिसर्च में अबतक ये साबित नहीं हुआ है कि इनके इस्तेमाल से स्ट्रोक, हार्ट डिसीज का खतरा कम किया जा सकता है।

बाकी नॉनवेज से बेहतर है मछली 

मछलियां प्रोटीन का भी एक बेहतरीन स्त्रोत हैं। ये दूसरे नॉनवेज फूड की तरह नहीं होती जिनमें भारी मात्रा में सेचुरेटेड फैट होता है। मछलियों में मिलने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड कई तरह से हमारे ह्दय के लिए लाभकारी है। खासकर उनके लिए  जिन्हें ह्दय संबंधी समस्याएं हैं। ह्दय रोगियों में ये हार्ट अटैक और अचानक मृत्यु जैसे खतरों से बचाता है। इसके अलावा ओमेगा-थ्री फैटी एसिड शरीर में मौजूद अत्यधिक ट्राइग्लिसराइड को कम करने की भी ताकत रखता है। क्योंकि ट्राइग्लिसराइड की वजह से भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

ओमेगा-3 और आपका दिल

मछलियों में मौजूद अनसेचुरेटेड फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी मदद करता है। हलांकि, ओमेगा-थ्री फैटी एसिड को ही ज्यादा प्रभावी माना जाता है क्योंकि ये रक्त कोशिकाओं को पहुंचे नुकसान को भी जल्दी से ठीक कर देता है। रक्त कोशिकाओं को पहुंचा नुकसान भी स्ट्रोक और ह्दय रोगों का कारण बनता है।

कम होगा स्ट्रोक का खतरा

आप हफ्ते में दो बार ऑइली फिश जैसे सैलमन, मैकरील और हैरिंग खाकर स्ट्रोक होने की संभावना को भी कम कर सकते हैं।

फिश खाते वक्त रखें सावधनी

 रिसर्च के मुताबिक मछलियों को खाने से पहले कुछ सावधनियां रखनी भी जरूरी हैं। प्रेग्नेंसी की तैयारी करने वाली महिलाएं, प्रेग्नेंट महिलाएं, जन्म देने के बाद और बच्चों को किंग मैकरील, शार्क, स्वॉर्डफिश जैसी मछलियों को खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें मर्क्युरी की मात्रा पाई जाती है।

अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना न भूलें।

source : helloswasthya

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