रात में इस समय रोने से घट सकता है वजन : रिसर्च - HEALTH IS WEALTH
रात में इस समय रोने से घट सकता है वजन : रिसर्च

रात में इस समय रोने से घट सकता है वजन : रिसर्च

वजन बढ़ना आज के समय में सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है और ”द इंडिया डायबिटीज स्टडी” में कहा गया है कि 15.3 करोड़ लोग मोटापे की समस्या से पीड़ित हो सकते हैं और यह संख्या अमेरिका की आबादी की लगभग आधी है। 

वजन कम करने के लिए लोग कई कोशिशें करते हैं और आखिरकार अपना वजन भी कम कर सकते हैं। लेकिन वहीं कुछ वजन कम करने के ऐसे भी तरीके होते हैं, जिनसे आपका वजन कम हो सकता है, लेकिन लोग उन पर विश्वास नहीं करते। जैसे – ठंडा पानी पीने से भी वजन कम हो सकता है।

अब मैं समझ सकता हूं, कि आप इस बात पर विश्वास नहीं करेंगे, लेकिन ये बात बिल्कुल सही है इसके लिए आप नीचे दिए मेरे इस आर्टिकल को पढ़ सकते हैं।

हाल ही में एशिया वन में पब्लिश हुई एक स्टडी में दावा किया गया है कि रोने से भी वजन कम हो सकता है। 

मैं समझ सकता हूं कि आप इस बात पर विश्वास नहीं करेंगे, लेकिन ये बात बिल्कुल सही है। तो आइए जानते हैं इस स्टडी के बारे में…

शाम 7 से 10 बजे के बीच रोना है फायदेमंद

एशिया वन में पब्लिश हुई एक स्टडी के मुताबिक रोने से भी वजन कम होता है, लेकिन ये आंसू रियल होने चाहिए, जिनसे लोगों की फीलिंग्स जुड़ी हुई हों। इससे लोग अपना वजन कम कर सकते हैं और ये साइंटिफिकली रूप से सच साबित हो चुका है। 

ऐसे काम करता है आंसू और वजन कम का साइंस

दरअसल, जब हम रोते हैं तो हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है और हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन के इन बढ़े हुए लेवल से आपको फैट बर्न करने में मदद मिलती है। 

साथ ही स्ट्रेस इंडक्ट्स आंसू बॉडी से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे वजन घटाने में और भी हेल्प मिलती है। इस स्टडी के निष्कर्ष को विलियम फ्रे, जो कि जो फेमस जैव बायोकैमिस्ट हैं, उन्होंने भी सही बताया है।

यदि आपकी पर्सनैलिटी ऐसी है कि आपको जल्दी रोना नहीं आता, तो आपको इसके बेनिफिट्स लेने में कुछ मुश्किल हो सकती है। स्टडी के मुताबिक आपके आंसू रियल होना चाहिए, न कि फेक। तभी आपका फैट बर्न होगा।

इतने तरह के होते हैं आंसू

आंसू तीन प्रकार के होते हैं :

  • बेसल (Basal) 
  • रिफ्लेक्स (Reflex) 
  • साइकिक आंसू/मानसिक आंसू (Psychic Tears)

बेसल आंसू वे होते हैं जो हमारे पीपर (Peepers) को नम रखते हैं,  रिफ्लेक्स आंसू वे हैं जो धुएं या प्रदूषण के कारण निकलते हैं, साइकिक आंसू/मानसिक आंसू सच्ची फीलिंग्स और ह्यूमन फीलिंग्स से जुड़े होते हैं। 

इस ओर भी ध्यान देना है जरूरी

कई बार रोने का कारण डिप्रेशन हो सकता है, जिसका एक नॉर्मल लक्षण भूख कम लगना भी है।

यदि आपके पास ऐसा कोई है जो कि काफी दिनों से उदास है या फिर कभी भी रोने लगता है, तो इसका मतलब ये नहीं कि उसे भी रोने से वजन कम करने वाला आर्टिकल पढ़ा हो और उसके लिए रोता रहता हो।

तो दोस्त, ये कोई तरीका नहीं हो सकता। इसलिए सलाह दूंगा कि आप किसी एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें।

source : mensxp

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